भारतराजनीति

MP विधानसभा से पास हुआ UCC बिल, CM बोले- अब एक ही कानून चलेगा

मध्य प्रदेश विधानसभा में हंगामे के बीच UCC बिल पास हुआ। सीएम मोहन यादव ने समान कानून की वकालत की, जबकि कांग्रेस के विरोध और नारेबाजी के बीच विधेयक पारित हुआ।

Reported by Shagun Chaurasia and edited by Shagun Chaurasia

MP UCC Bill: मध्य प्रदेश विधानसभा में मंगलवार को भारी हंगामे और तीखी नोकझोंक के बीच समान नागरिक संहिता (UCC) विधेयक पारित हो गया। बिल पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर बहस हुई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सरकार का पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदेश में अब सभी नागरिकों के लिए समान कानून लागू होगा और किसी भी धर्म के आधार पर अलग-अलग व्यवस्था नहीं चलेगी।

एक संविधान एक कानून

विधानसभा में अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि समानता भारतीय संस्कृति की मूल भावना है। उन्होंने कहा कि जब ईश्वर की नजर में सभी समान हैं तो कानून भी सभी के लिए समान होना चाहिए। उन्होंने कहा, “राम से रहीम, रविंद्र से रॉबिन, अमर से एंथोनी और अकबर तक, देश एक संविधान और समान कानून से चलेगा।” मुख्यमंत्री ने कहा कि अब मध्य प्रदेश भी उन राज्यों की सूची में शामिल हो गया है, जिन्होंने समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाया है। उनके अनुसार यह कानून सामाजिक समानता, महिला सशक्तिकरण और भेदभाव खत्म करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण और वोट बैंक की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का दोहरा चरित्र अब जनता के सामने आ चुका है। उन्होंने विपक्ष से सवाल किया कि अगर संविधान सभी नागरिकों को समान अधिकार देता है, तो समान कानून का विरोध क्यों किया जा रहा है। इस दौरान कांग्रेस विधायक लगातार नारेबाजी करते रहे। सदन में “चंदा चोरों” और “गद्दी छोड़ो” जैसे नारे भी लगाए गए, जिससे कुछ देर के लिए माहौल काफी गर्म हो गया।

UCC में क्या होंगे प्रमुख प्रावधान?

सरकार के अनुसार, समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में सभी विवाहों का सरकारी पंजीकरण अनिवार्य होगा। पंजीकरण नहीं कराने पर जुर्माने का प्रावधान रहेगा। इसके अलावा, एक पति या पत्नी के रहते दूसरा विवाह मान्य नहीं होगा। हालांकि मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि लोगों के धार्मिक रीति-रिवाज और सामाजिक परंपराओं में कोई हस्तक्षेप नहीं किया जाएगा।

93 प्रतिशत समर्थन का दावा

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने दावा किया कि प्रदेश के 93 प्रतिशत लोगों ने समान नागरिक संहिता का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह कानून किसी धर्म के खिलाफ नहीं, बल्कि सभी नागरिकों को समान अधिकार देने के उद्देश्य से लाया गया है।

हंगामे के बीच बिल हुआ पारित

विधेयक पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने संशोधन प्रस्ताव रखा, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने उसे खारिज कर दिया। लगातार विरोध और हंगामे के बीच अंततः समान नागरिक संहिता (संशोधन) विधेयक को सदन से पारित घोषित कर दिया गया। बिल पास होने के बाद सदन में अगली कार्यवाही शुरू हुई, जबकि बीच में विधानसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए स्थगित भी की गई। UCC लागू करने की दिशा में मध्य प्रदेश का यह कदम अब राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

ये भी पढ़ें: किसान दिल्ली कूच में बड़ा फैसला, सरकार ने मानी 2 मांगें, शंभू बॉर्डर से लौटने लगे प्रदर्शनकारी

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Translate »